अध्याय 40

सेथ का चेहरा स्याह पड़ गया, जब उसने लैला के आँसुओं से भीगे गाल कसकर पकड़ लिए।

“इसे तुम ‘दिल हल्का करना’ कहती हो?” उसने ठंडेपन से पूछा।

लैला बेबस होकर सिसकती रही, आँसू और तेज़ बहने लगे। सेथ को साफ़ था कि उससे कोई सच्चा जवाब चाहिए ही नहीं था—ये सवाल सिर्फ़ डराने के लिए था।

“बहुत बढ़िया,” वह बुदबुद...

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